रामटेक किला मंदिर | Ramtek Fort Temple

 रामटेक किला मंदिर | Ramtek Fort Temple Near Nagpur

रामटेक किला मंदिर | Ramtek Fort Temple

    रामटेक मंदिर | Ramtek Temple

    रामटेक रमणीक और ऊंची पहाड़ियों पर स्थित प्रसिद्ध हिंदू तीर्थ स्थान है। रामटेक में भगवान राम का ऐतिहासिक और प्रसिद्ध मंदिर स्थित है। वर्तमान मंदिर का निर्माण 18वीं शताब्दी में नागपुर के मराठा शासक रघुजी भोंसले ने छिंदवाड़ा में देवगढ़ के दुर्ग पर विजय प्राप्ति के बाद करवाया था। राम के टिकने का स्थान इस वजह से इसे रामटेक कहा जाता है। यह पहाड़ी की चोटी पर स्थित है। यह किले और झील के साथ एक ऐतिहासिक स्थल है। देखने में ये मंदिर कम और किला ज्यादा लगता है। इस तीर्थ का जिक्र वाल्मीकि रामायण और पद्मपुराण में मिलता है।

    रामटेक मंदिर की जमीन से ऊंचाई लगभग 345 मीटर है। माना जाता है कि रामटेक का मंदिर लगभग 600 साल पुराना है। यह 350 फीट लंबी और अनूठी ओएम संरचना के कारण बहुत प्रसिद्ध है। यहां भगवान राम के 'पादुका' की पूजा की जाती है।

    रामटेक में रामचंद्र जी का सुंदर मंदिर ऊंची पहाड़ी पर बना हुआ है। मंदिर के निकट विशाल वराह की मूर्ति के आकार में कटा हुआ एक शैलखंड स्थित है। इस स्थान पर एक ऊंचा किला है, जिसे गुप्तकालीन बताया जाता है। कवि कालिदास ने यहां महाकाव्य मेघदूत और शाकुंतला की रचना की थी। कुछ विद्वानों के मत में रामटेक कालिदास के मेघदूत में वर्णित रामगिरी है। ऐसा कहा जाता है कि चंद्रगुप्त द्वितीय की पुत्री प्रभावती गुप्त ने रामटेक की यात्रा की थी। इसे गढ़ मंदिर भी कहते है। यह स्थान मराठाओं का गढ़ भी था।

    रामटेक पहाड़ी पर स्थित बहुत ही पवित्र स्थान हैं। यहां परिसर में कई सारे मंदिर दिखाई देते हैं। राम मंदिर, लक्ष्मण मंदिर, हनुमान मंदिर और सत्यनारायण मंदिर है। रामायण, कृष्ण लीला, हनुमानजी, साईं बाबा और गजानन महाराज की मूर्तियों को खूबसूरती से सजाया गया है। रामटेक में राधा कृष्ण मंदिर और अगस्तय मुनि का आश्रम है। मंदिर का परिसर बहुत विशाल है। यहां पर कई सारे प्रवेश द्वार है। कई पुराने भित्तिय चित्र मंदिर किले में बने हुए हैं।

    यहां एक नंदी की प्रतिमा बनी हुई है। ऐसी मान्यता है कि इस नंदी के नीचे से आप नहीं निकल पाते हैं तो आपके दर्शन पूरे नहीं होते। जब भी आप यहां आए तो यह जरूर ट्राई करें। यह भी माना जाता है कि जो भी व्यक्ति इस स्थान पर प्रतिज्ञा या मन्नत लेता है, उसे अपने मन्नत की पूर्ति के लिए देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

    मंदिर तक आने के लिये आपको 100-150 सीढ़ियां चढ़नी होंगी। मंदिर बहुत सुंदर है और ऊपर से आपको रामटेक का विहंगम दृश्य दिखाई देता है। राम मंदिर के अलावा पहाड़ी के ऊपर 27 अन्य मंदिर हैं। जिन्हें ब्राह्मण शैली में बनाया गया है। रामटेक के गण मंदिर के एंट्रेंस में राइट साइड में सिंदूर बावड़ी है। कहते हैं कि राजा-महाराजा यहां नहाते थे। माना जाता है कि इस तालाब का पानी कभी खत्म नहीं होता और इसका स्तर हमेशा एक जैसे बना रहता है। यह काफी अद्भुत है। यही तालाब के पास सीता मैया का रसोई घर है। जहां नि:शुल्क प्रसाद मिलता है। मुख्य द्वार बहुत ही विशाल है। यह पौराणिक मंदिर होने के कारण यहां की कलाकृति बहुत ही सुंदर है।

    रामटेक का इतिहास | Ramtek History

    रामटेक एक महान समृद्ध पौराणिक इतिहास का स्रोत है। पौराणिक कथा के अनुसार कहा जाता है कि वनवास के समय भगवान श्रीराम, भाई लक्ष्मण और पत्नी सीता के साथ यहां रुके थे। कहते हैं भगवान रामचंद्र वनवास के समय चित्रकूट से यहां आए थे। किंवदंती है कि रामटेक में भगवान राम ने चौदह वर्ष के वनवास के दौरान विश्राम किया था। यह भी माना जाता है कि ऋषि अगस्त्य का आश्रम यहां था। ऋषियों द्वारा किए जाने वाले धार्मिक संस्कारों और गतिविधियों पर राक्षसों द्वारा विघ्‍न डाला जाता था। तब भगवान राम ने राक्षसों को नष्‍ट करने का संकल्प लिया। रामजी यहां से आगे नासिक के पंचवटी गए। वनवास पूरा होने के बाद अयोध्या लौटते वक्त यहां आए। माना जाता है यहीं पर अगस्त्य मुनि ने श्रीराम को ब्रह्मास्त्र दिया था, जिससे उन्होंने रावण का वध किया था।

    रामटेक मेला | Fair in Ramtek

    कार्तिक महीने में त्रिपुरी पूर्णिमा और रामनवमी के दिन रामटेक में बड़ा मेला लगता है। जिसमें दूर-दूर से लोग शामिल होने के लिए आते हैं। मंदिर में बहुत सारी धार्मिक गतिविधियाँ और उत्सव का आयोजन होता हैं। ये रामटेक राम मंदिर के मुख्य आकर्षण हैं। 

    रामटेक मस्ट विजिट प्लेस है। लोग दूर-दूर से यहां प्रभु श्री राम के दर्शन करने आते हैं। यहां पुरातन मंदिर के अवशेष देखने को मिलते हैं। यहां बहुत ज्यादा पॉजिटिविटी है। भगवान राम का मंदिर बहुत अच्छा हरियाली से घिरा हुआ है। इस स्थान और परिवेश की सुंदरता से पर्यटक चकित हो जाते हैं। ताजी हवा नया जोश भर देती हैं। अद्भुत और नया अनुभव यहां होता हैं।

    रामटेक किला ऊंचाई पर बसा हुआ है। यहां से नीचे देखने पर बहुत ही सुंदर नजारा दिखाई देता है। जंगल, पहाड़, विशाल पेड़, हरियाली, घर और झरने दिख जाते हैं। मंदिर की तलहटी में अम्बाला तालाब नामक एक बड़ा तालाब है, जिसका उपयोग 'पिट्टू पूजा' के लिए किया जाता है, यानी मृतकों की राख को विसर्जित किया जाता है।

    मंदिर परिसर स्‍वच्‍छ है, लेकिन बेहतर रखरखाव और जागरूकता की जरूरत है। पुराने ढांचों को बेहतर ढंग से बनाए रखा जा सकता था। जब भी आप यहां आये या कहीं भी जाये तो कृपया स्‍वच्‍छता बनाये रखे। गंदगी न फैलाये। किले के चारों ओर मजबूत सुरक्षा दीवार देखने को मिलती है। यहां मंदिर के अंदर की फोटो या वीडियो लेना सख्त मना है। यह जगह अद्भुत है और साथ ही ठंडी हवा का एहसास भी हरदम होता है। पहाड़ी और मंदिर का वातावरण काफी अच्‍छा और स्वस्थ है।

    रामटेक में बंदर | Monkey in Ramtek

    रामटेक फोर्ट में बहुत अधिक बंदर है। यहां आने वाले श्रद्धालु बंदर को कुछ ना कुछ खाने के लिए देते हैं। यहां के बंदर बहुत परेशान करते हैं। भोजन की उम्मीद में आपके हाथ से चीजें छीनते हैं। इसलिए आप कोशिश करें कि आपके हाथ में कोई सामान ना हो। खासकर यदि आपके पास खाद्य सामग्री है तो बंदर छीन सकते हैं। अधिकतर ये मिलनसार होते हैं और किसी को नुकसान नहीं पहुंचाते।

    रामटेक आप अपने परिवार के सदस्यों के साथ या दोस्तों के साथ एक दिन की पिकनिक पर आ सकते हैं। घूमने के लिए अच्छी जगह है। इसका आनंद लेने और धार्मिक यात्रा के लिए निश्चित रूप से इस स्‍थान पर आना चाहिए। ऐसा यह खूबसूरत पौराणिक स्थान देखने आस-पास से ही नहीं देश भर से लोग आते हैं। आप भी एक बार इस स्‍थान पर अवश्य आएँ।

    रामटेक मंदिर परिसर में फोटो की दुकानें और खिलौनों की दुकानें भी है। साथ ही पूजन सामग्री की दुकानें मिल जाती है और नाश्ते की दुकानें भी है। यहां पार्किंग की व्यवस्था हैं। रामटेक तीर्थ स्थल में यात्रियों के निवास हेतु उत्तम व्यवस्था है। कई होटल भी है।

    रामटेक किला मंदिर समय | Ramtek Temple Timing

    सोमवार सुबह 6:00 बजे - रात 9:00 बजे

    मंगलवार सुबह 6:00 बजे - रात 9:00 बजे

    बुधवार सुबह 6:00 बजे - रात 9:00 बजे

    गुरुवार सुबह 6:00 बजे - रात 9:00 बजे

    शुक्रवार सुबह 6:00 बजे - रात 9:00 बजे

    शनिवार सुबह 6:00 बजे - रात 9:00 बजे

    रविवार सुबह 6:00 बजे - रात 9:00 बजे

    कैसे पहुंचें रामटेक | How To Reach Ramtek

    रामटेक नागपुर शहर से लगभग 50 किलोमीटर दूर स्थित है। रामटेक नागपुर के लिए कई राज्य बसें और यहां तक कि निजी टैक्सियां भी उपलब्ध हैं। कार या बस द्वारा रामटेक पहुँचने में लगभग 45 से 60 मिनट तक लग जाते है। यदि आप रेलवे मार्ग से आते है तो आपको नागपुर रेलवे स्टेशन पर उतरना होगा। यहां से आप टैक्सी या बस द्वारा रामटेक आ सकते हैं।

    रामटेक की विभिन्न शहरों से दूरी | Ramtek Distance From Different Cities

    छिंदवाड़ा से रामटेक की दूरी 154 किलोमीटर

    नागपुर से रामटेक की दूरी 50 किलोमीटर

    वर्धा से रामटेक की दूरी 131 किलोमीटर

    सिवनी से रामटेक की दूरी 89 किलोमीटर

    भोपाल से रामटेक की दूरी 366 किलोमीटर

    जबलपुर से रामटेक की दूरी 235 किलोमीटर

    मुंबई से रामटेक की दूरी 891 किलोमीटर

    दिल्ली से रामटेक की दूरी 1023 किलोमीटर

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